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हरदोई के मत्स्य पालन और शराब ठेके में बसपा नेता और कांग्रेस नेता व्यवसायिक मामले में आमने सामने :


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हरदोई जिले बसपा नेता BSP के गोपामऊ विधान सभा के संभावित प्रत्याशी अनिल कुमार गौतम और कांग्रेस के नेता सुभाष पाल मत्स्य पालन और शराब ठेके के व्यवसायिक विवाद में बढ़ते मनमुटाव में आमने सामने मुद्दा चर्चा में तेज :

 

हरदोई में मत्स्य पालन ठेका विवाद में बसपा नेता ओर दावेदारी कर रहे अनिल कुमार गौतम और कांग्रेस नेता सुभाष पाल पर किराया न देने व धमकी देने का आरोप, मुकदमा दर्ज़ कर लिया गया है आगे की कार्रवाई जारी है

हरदोई थाना टड़ियावां क्षेत्र से जुड़े मत्स्य पालन तालाब ठेका विवाद में आरोप और गंभीर होते जा रहे हैं। पीड़ित ने तालाब का तय किराया न देने और झूठे मुकदमों में फंसा देने का आरोप लगाया है। मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, अनिल कुमार गौतम ओर सुभाष पाल शामिल हैं,

पीड़ित के अनुसार, 12 मई 2025 को तालाब का मत्स्य पालन ठेका निम्नवत तय शर्तों पर दिया गया था, जिसमें वार्षिक किराया और बिजली-पानी के खर्च का भुगतान निर्धारित था। आरोप है कि तय समय पर तालाब का शेष किराया नहीं दिया गया। जब पीड़ित ने बकाया किराये की मांग की तो विपक्षियों द्वारा पहले समय बढ़ाने की बात कही गई और और टाल मटोल किया गया उसके बाद में झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी।

पीड़ित का कहना है कि विपक्षी पक्ष राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, जिसके कारण वह खुलेआम धमकी दे रहे हैं। आरोप है कि लगातार दबाव और धमकी के चलते पीड़ित भय के माहौल में जीवन यापन कर रहा है।

पीड़ित द्वारा 11 दिसंबर 2025, 13 दिसंबर 2025 तथा 5 जनवरी 2026 को थाना और तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पीड़ित में नाराजगी और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

आपको बताते चले कि हरदोई में काफी लंबे समय से कांग्रेस नेता सुभाष पाल और बसपा नेता अनिल कुमार गौतम मत्स्य और शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा था विभिन्न व्यावसायिक समझौते दोनों पक्षों के बीच हुए और लंबे समय से व्यवसायिक साझेदारी चल रही थी लेकिन कुछ आपसी मतभेद और बिजली पानी और किराए के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों में सामंजस्य की स्थिति बनी हुई है वही अनिल गौतम का आरोप है सुभाष पाल द्वारा किराए और विभिन्न व्यावसायिक शर्तों को न मानना और किराए का भुगतान न होने से विवाद का विषय बना हुआ है l अभी इस विवाद की वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है वही विभिन्न प्रकार की धमकी के भी तथ्य सामने आए है हालांकि अभी इस मुद्दे पर वास्तविक तथ्यों कारणों की जानकारी पर दोनों पक्षों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होती दिखाई नहीं दे रही हैं l

पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तालाब का बकाया किराया न देने और धमकी देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया तथा सख्त कानूनी कार्रवाई कर उसकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब प्रशासन की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

 

नागरिक उड़ान/ विपिन कुमार

Nagrik Udan