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निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप: मृत बच्ची को लखनऊ रेफर करने का मामला

हरदोई। जिले के #कछौना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि पेट दर्द से पीड़ित एक चार वर्षीय बच्ची की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। जब परिजन बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कछौना लेकर पहुंचे, तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की करीब तीन घंटे पहले ही मौत हो चुकी थी।मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार कछौना कोतवाली क्षेत्र के मंडलहिया मजरा गौहानी निवासी अरुण कुमार दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सीमा देवी, दो बेटे कमल और नैतिक तथा चार वर्षीय इकलौती बेटी आरुषि थी। अरुण कुमार के मुताबिक शुक्रवार को आरुषि को पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे कछौना स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के नाम पर परिजनों से करीब 25 से 30 हजार रुपये खर्च कराए गए, जिसके लिए उन्हें उधार और कर्ज भी लेना पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि सोमवार सुबह अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर बताते हुए उसे लखनऊ रेफर करने की बात कही और इसके लिए 20 हजार रुपये की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण अरुण बच्ची को सीधे सीएचसी कछौना लेकर पहुंच गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे पहले ही मौत हो चुकी थी।
बेटी की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।


