![]()
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने X हैडल पर बेसिक शिक्षा सरकारी स्कूल में कम नामांकन पर उठाए सवाल और शिक्षक भर्ती को भी बनाया मुद्दा :

यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश को लेकर वर्तमान BJP की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा कि यूपी में बेसिक शिक्षा में जहां नामांकन में कमी आई है वही छात्र और शिक्षक अनुपात में भी भारी गिरावट देखने को मिली है युवा बेरोजगार है वही शिक्षकों की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है तथा कहा कि पूर्व की भर्ती को देखा जाए तो मेरी सरकार में शिक्षामित्र समायोजन बीटीसी ट्रेनिंग के उपरांत कोई शिक्षक भर्ती नहीं हुई है शिक्षामित्र भर्ती 1.23 लाख ट्रेनिंग के उपरांत बसपा की सरकार सत्ता से बाहर हो गई उसके उपरांत सपा ने शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया तथा उसको कोर्ट द्वारा समायोजन निरस्त के उपरांत 1.23 लाख शिक्षामित्रों के पदों पर महज 68500 शिक्षक भर्ती और 69000 भर्ती का मात्र चयन हुआ है भारी संख्या में शिक्षकों की भर्ती न होने से प्राथमिक शिक्षा बदहाल है वही युवा बेरोजगार है जब युवा रोजगार की बात करता है तो उसके ऊपर लाठी चार्ज होता है बीजेपी सरकार में शिक्षित युवा बेरोजगार और भयभीत है वही शिक्षा व्यवस्था चौपट है l
आगे उन्होंने लिखा कि
यूपी के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में सन 2023-24 में 1.74 करोड़ दाखिले हुए, किन्तु 2024-25 में मात्र 1.52 करोड़ अर्थात स्कूल दाखिला में लगभग 22 लाख की गिरावट सरकारी स्कूल व्यवस्था की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर व चिन्तनीय। शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी। यूपी के बेसिक स्कूल में अनुसूचित जाति और जनजाति आदिवासी गरीबों के बच्चे पढ़ते है सरकार का प्राथमिक शिक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं है यूपी की शिक्षा व्यवस्था ही भगवान भरोसे होती दिखाई दे रही है न शिक्षक भर्ती और नामांकन में भारी गिरावट चिंतन का विषय है इन गंभीर समस्याओं पर तत्काल ध्यान आकृष्ट होना चाहिए l



