![]()
दूषित मानसिकता के चलते दलित बस्ती में सड़क किनारे कूड़ा-कचरा डंप कर जला रही नगरपालिका,पर्यावरण में घोला जा रहा जहर :
शाहबाद बस्ती के लोगों का दुर्गन्ध से जीना हुआ दुश्वार,बढ़ा मखखियों व मच्छरों का प्रकोप, लोगों में आक्रोश
हरदोई शहाबाद नगरपालिका द्वारा दूषित मानसिकता के चलते दलित बस्ती में सड़क किनारे कूड़ा-कचरा डंप करने के बाद उसे जलाकर एनजीटी के आदेशों की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शहर के बाहर शाहाबाद-पाली मार्ग पर सफीपुर के पास सड़क किनारे नगर पालिका द्वारा दुर्गन्ध युक्त सड़ा-गला कूड़ा फेंका जा रहा हैं। यहीं नहीं सफाई कर्मचारियों की ओर से कूड़े में आग लगाकर पर्यावरण में जहर घोला जा रहा है। सालिड वेस्ट प्लांट शुरु होने के बाबजूद पालिका के कर्मचारी इससे बाज नही आ रहे है। पालिका की इस करतूत से बस्ती के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। पालिका की इस दूषित हरकत se बस्ती में मच्छरों और मखखियां बढ़ गई हैं, जिससे बीमारियां फैलने का डर भी लोगों क़ो सता रहा है।धुआं फैलने से वाहन चालकों को सड़क पर लाइट जलाकर गुजरना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती हैं।
नगर से रोजाना तकरीबन 150 कुंटल कूड़ा-कचरा निकलता है। शाहाबाद-पाली मार्ग पर सफीपुर के निकट नगरपालिका नगर से निकलने वाले कूड़े को गिरा रही है। साथ ही इसमें आग लगाकर पर्यावरण की फिजा में जहर घोला जा रहा है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए बनाए गए कानूनों की जगह-जगह खूब धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसकी जहां मर्जी होती है वहीं पर कूड़ा-कचरा जला दिया जाता है। जिसके कारण गर्मियों में कई जगह प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से हवा में दूषित वायु घुल जाती है, साथ ही ऐसा करने से पेड़ की जड़ें, टहनियां और पत्तियों को भी नुकसान पहुंचता है, लेकिन इन गतिविधियों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। ऐसे में राहगीरों को भी सांस लेने में दिक्कत हो ही रही है। वहीं वाहन चालकों को धुआं देख लाइट जलाकर गुजरना पड़ रहा है। एक तरफ प्रदेश में फैले स्माग और वायु प्रदूषण को देखते हुए कूड़ा-करकट जलाने पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि कूड़ा जलाया गया तो अधिकारी जिम्मेदार होंगे और कठोर कार्रवाई होगी। शासन के निर्देशों का उस पर कोई असर होता दिखाई नहीं देता है। बहीं बस्ती के लोगों में पालिका की इस दूषित मानसिकता क़ो लेकर काफ़ी आक्रोश व्याप्त है।


